Tuesday, 25 September 2012

साहित्य चर्चा : 484-ता-ता-थईयादुनियाँ के बाज़ार में खड़ा मैं,और म...

साहित्य चर्चा :
484-ता-ता-थईयादुनियाँ के बाज़ार में खड़ा मैं,और म...
: 484-ता-ता-थईया दुनियाँ के बाज़ार में खड़ा मैं , और मेरा मन , दग्ध भी है , स्तब्ध भी | कि यहाँ हर चीज बिकाऊ ही नहीं , है आसानी ...

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